एकादशी व्रत (सन् 2024 ई.)
एकादशी व्रत (सन् 2024-25 ई.) 'धर्मसिन्धु' ग्रन्थानुसार एकादशी दो प्रकार की होती है। विद्धा और शुद्धा ॥ 1. दशमी तिथि से युक्त एकादशी तिथि विद्धा एकादशी कहलाती है। 2. सूर्योदयकालिक एकादशी तिथि द्वादशी तिथि से युक्त हो तो वह शुद्धा एकादशी कहलाती है। यद्यपि धर्मग्रन्थों में गृहस्थों को दशमीयुता- एकादशी में व्रत करने की आज्ञा दी गई है, परन्तु परम्पराया 'स्मार्त्त' (अर्थात् साधारण गृहस्थी) लोग भी वैष्णव सम्प्रदाय (संन्यासी, यति, दीक्षित) द्वारा पालनीय वैष्णव एकादशी वाला व्रत ही रख लेते हैं। सफला (पौष कृष्ण) –> 7 जन. रवि पुत्रदा (पौष शुक्ल) –> 21 जन. रवि षट्तिला (माघ कृष्ण) –> 6 फर. मंग जया (माघ शुक्ल) –> 20 फर. मंग विजया (फाल्गुन कृष्ण) वैष्णव –> 7 मार्च गुरु आमलकी (फाल्गुन शुक्ल) –> 20 मार्च बुध पापमोचनी (चैत्र कृष्ण) –> 5 अप्रै. शुक्र कामदा (चैत्र शुक्ल) –> 19 अप्रै. शुक्र वरुथिनी (वैशाख कृष्ण) –> 4 मई शनि मोहिनी (वैशाख शुक्ल) –> 19 मई रवि अपरा (ज्येष्ठा कृष्ण) वैष्णव –> 3 जून सोम निर्जला (ज्येष्ठ शुक्ल) –...